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RPSC Assistant Prosecution Officer Syllabus 2026 (APO) Syllabus 2026: प्री और मेंस का नया सिलेबस जारी

RPSC APO Syllabus Pdf 2026 Download
RPSC Assistant Prosecution Officer Syllabus 2026: राजस्थान में लॉ ग्रेजुएट्स और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC), अजमेर ने एक बहुत ही बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। आयोग द्वारा गृह विभाग के अंतर्गत सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) के कुल 371 पदों पर निकाली गई बम्पर भर्ती के लिए प्रारंभिक (Preliminary) और मुख्य (Mains) परीक्षा का विस्तृत सिलेबस और आधिकारिक एग्जाम पैटर्न जारी कर दिया गया है।

किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता सुनिश्चित करने के लिए उसके नवीनतम पाठ्यक्रम और अंकों के वर्गीकरण को गहराई से समझना सबसे पहला और आवश्यक कदम होता है। विशेष रूप से आरपीएससी एपीओ भर्ती परीक्षा में इस बार नए आपराधिक कानूनों और नियमों का व्यापक समावेशन किया गया है, जिसने इस परीक्षा के स्तर को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है। जो भी अभ्यर्थी इस प्रतिष्ठित पद के लिए आवेदन कर चुके हैं या करने वाले हैं, उनके लिए पाठ्यक्रम की विस्तृत संरचना को हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में समझना अनिवार्य है। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सीधे पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं, साथ ही इस पोस्ट के अंत में दिए गए डायरेक्ट लिंक के माध्यम से भी इसे प्राप्त कर सकते हैं।

✅ नए सिलेबस की सबसे बड़ी विशेषता: इस बार के पाठ्यक्रम में भारतीय कानूनी प्रणाली में हुए बड़े ऐतिहासिक बदलावों को शामिल किया गया है। परीक्षा में अब पुराने कानूनों (IPC, CrPC, Evidence Act) के साथ-साथ उनके स्थान पर लागू किए गए नए भारतीय कानूनों जैसे भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 को भी विशेष धाराओं के तहत जोड़ा गया है। इसलिए आपको नए और पुराने दोनों कानूनों का तुलनात्मक अध्ययन करना होगा।

RPSC Assistant Prosecution Officer Recruitment 2026 Overview

इस भर्ती प्रक्रिया की मुख्य तिथियां, कुल पद, आयु सीमा और प्रशासनिक विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट रूप से व्यवस्थित हैं, जो मोबाइल स्क्रीन पर भी आसानी से रीडेबल हैं:

RPSC APO 2026 Key Highlights
भर्ती बोर्ड का नामराजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC), अजमेर
विभाग का नामअभियोजन विभाग (Department of Prosecution), राजस्थान
पद का नामसहायक अभियोजन अधिकारी (APO)
कुल विज्ञापित पद371 रिक्तियां
आवेदन प्रारंभ तिथि08 जून 2026
आवेदन की अंतिम तिथि07 जुलाई 2026 (रात्रि 12:00 बजे तक)
निर्धारित आयु सीमा21 वर्ष से 40 वर्ष (आरक्षित श्रेणियों को छूट)
वेतनमान (Pay Scale)पे-मैट्रिक्स लेवल L-11 (ग्रेड पे 4200/-)
चयन प्रक्रिया का प्रारूपप्रारंभिक परीक्षा -> मुख्य परीक्षा -> दस्तावेज सत्यापन
आधिकारिक वेबसाइटrpsc.rajasthan.gov.in

RPSC APO 2026 Complete Selection Process (चयन प्रक्रिया)

राजस्थान सहायक अभियोजन अधिकारी के पद पर अंतिम रूप से चयनित होने के लिए उम्मीदवारों को एक त्रिस्तरीय कड़े मूल्यांकन दौर से गुजरना पड़ता है। आरपीएससी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने के लिए कड़े नियम लागू रहेंगे। पूरी चयन प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam): यह एक प्रकार का स्क्रीनिंग टेस्ट (Screening Test) है जिसका मुख्य उद्देश्य मुख्य परीक्षा के लिए गंभीर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करना है। इसके अंक फाइनल मेरिट में नहीं जुड़ते।
  2. मुख्य लिखित परीक्षा (Main Written Examination): यह पूरी तरह से वर्णनात्मक (Descriptive/Subjective) परीक्षा होगी। अंतिम चयन सूची और मेरिट का निर्धारण मुख्य रूप से इसी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।
  3. दस्तावेज सत्यापन (Document Verification - DV): मुख्य परीक्षा की मेरिट में स्थान बनाने वाले अभ्यर्थियों को उनके मूल शैक्षणिक और कानूनी दस्तावेजों की जांच के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
  4. चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination): अंत में, सेवा नियमों के अनुरूप उम्मीदवार का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है।

RPSC APO Preliminary Exam Pattern 2026 (प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न)

आरपीएससी एपीओ की प्रारंभिक परीक्षा पूरी तरह से बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होगी। इस परीक्षा का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि उम्मीदवार की कानूनी समझ के साथ-साथ उसकी भाषाई शुद्धता को भी परखा जा सके। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • प्रश्नों का प्रकार: परीक्षा में सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ (Objective Type MCQ) होंगे।
  • नकारात्मक अंकन (Negative Marking): प्रारंभिक परीक्षा में गलत उत्तर देने पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए उस प्रश्न के निर्धारित अंकों का एक-तिहाई (1/3) भाग काट लिया जाएगा।
  • वेटेज डिस्ट्रीब्यूशन (Weightage): परीक्षा में सबसे बड़ा हिस्सा कानून का है। कुल अंकों का 70% वेटेज कानून (Law) के विषयों को और शेष 30% वेटेज भाषा दक्षता (हिंदी और अंग्रेजी) को दिया गया है।
  • भाषा भाग का विभाजन: भाग B के अंतर्गत सामान्य हिंदी के लिए 15 अंक (15 प्रश्न) और सामान्य अंग्रेजी के लिए 15 अंक (15 प्रश्न) तय किए गए हैं।
भाग विषय (Subject) अंक / प्रश्न समय
भाग-Aकानून (Law - New & Old Acts)70 अंक / 70 प्रश्न2 घंटे (120 मिनट)
भाग-Bभाषा (सामान्य हिंदी: 15, सामान्य अंग्रेजी: 15)30 अंक / 30 प्रश्न
कुललॉ + भाषा दोनों भाग100 अंक / 100 प्रश्न120 मिनट

RPSC APO Preliminary Exam Syllabus 2026 — Detailed Breakdown

प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम को दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है। यहाँ दोनों भागों का विस्तृत विश्लेषण दिया जा रहा है:

भाग-A: कानून (Law) — महत्वपूर्ण धाराएं और अधिनियम

इस भाग में राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख आपराधिक कोड और राजस्थान राज्य के स्थानीय कानूनों से संबंधित विशिष्ट धाराओं को शामिल किया गया है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे इन चिन्हित धाराओं का बेयर एक्ट (Bare Act) से गहन अध्ययन करें:

1. भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023: इसमें प्रारंभिक प्रावधान (धारा 01 से 03), सामान्य अपवाद (धारा 14 से 44), महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराध (धारा 63 से 99), मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराध जैसे हत्या और उपहति (धारा 100 से 146), सार्वजनिक शांति भंग करने वाले अपराध (धारा 189, 190, 191, 194) और संपत्ति की चोरी/लूटे जाने के विरुद्ध अपराध (धारा 303 से 334) शामिल हैं।
2. भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860: पुराना कोड भी आंशिक रूप से लागू है। इसमें परिचय (धारा 01-05), सामान्य स्पष्टीकरण (धारा 06-52-A), सामान्य अपवाद (धारा 76-106), संयुक्त दायित्व का सिद्धांत (धारा 34 और 149), मानव शरीर के विरुद्ध अपराध (धारा 299-377) तथा संपत्ति के विरुद्ध अपराध (धारा 378-462) का विस्तृत ज्ञान होना आवश्यक है।
3. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023: प्रक्रियात्मक कानून के तहत प्रारंभिक (धारा 01-05), आपराधिक अदालतों का गठन व शक्तियां (धारा 06-25), नागरिकों की गिरफ्तारी के नियम (धारा 35-62), कोर्ट में उपस्थिति सुनिश्चित करने की प्रक्रिया (धारा 63-93), शांति बनाए रखने के लिए प्रतिभूति (धारा 125-129), भरण-पोषण कानून (धारा 144-147), लोक व्यवस्था (धारा 152-167) और पुलिस की जांच शक्तियां (धारा 173-196) महत्वपूर्ण हैं।
4. दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC), 1973: इसमें प्रारंभिक (धारा 01-05), न्यायालयों का गठन और शक्तियां (धारा 06-31), गिरफ्तारी (धारा 41-60-A), समन और वारंट प्रक्रिया (धारा 61-90), सदाचार की प्रतिभूति (धारा 106-110), पत्नियों व बच्चों का भरण-पोषण (धारा 125-128), लोक न्यूसेंस हटाना (धारा 133-148) तथा पुलिस को सूचना व एफआईआर (धारा 154-176) को शामिल किया गया है।
5. नए एवं पुराने साक्ष्य अधिनियम: भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 के तहत धारा 01-02, तथ्यों की सुसंगति (धारा 03-09, 12, 13, 22-24, 26, 39-45, 47-49) और मौखिक साक्ष्य (धारा 54-55) पूछे जाएंगे। वहीं पुराने साक्ष्य अधिनियम 1872 से धारा 01-11, 14, 15, 24-30, 32, 45-51, 53, 54, 59 और 60 का अध्ययन करना होगा।

6. अन्य विशेष एवं स्थानीय माइनर एक्ट्स (Minor Acts):

  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989: प्रारंभिक प्रावधान (धारा 01-02) और अत्याचार के विभिन्न अपराधों के लिए दंड (धारा 03-09)।
  • आयुध अधिनियम (Arms Act), 1959: प्रारंभिक समझ (धारा 01-02) तथा हथियारों को हासिल करने, निर्माण, बिक्री और परिवहन पर नियंत्रण (धारा 03-12)।
  • किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015: बोर्ड का गठन (धारा 04-09) और कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों से जुड़ी विधिक प्रक्रिया (धारा 10-26)।
  • राजस्थान आबकारी अधिनियम, 1950: स्थापना व नियंत्रण (धारा 08-10-A) तथा मादक पदार्थों का आयात, निर्यात और परिवहन नियम (धारा 11-15)।
  • POCSO अधिनियम, 2012: बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों की परिभाषा और उनके कड़े दंड के प्रावधान (धारा 01 से 12)।
  • राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम (1992 एवं 2022): पेपर लीक और अनुचित साधनों को रोकने के लिए बनाई गई कड़ी धाराएं (1992 की धारा 1-8 और 2022 की धारा 01-10 अनुसूची सहित)।
  • अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958: अपराधियों को चेतावनी या सदाचार के आधार पर रिहा करने की अदालत की विशेष शक्तियां (धारा 01, 02, 03, 04 और 06)।

भाग-B: भाषा (Language Proficiency)

इस भाग का स्तर मुख्य रूप से व्यावहारिक व्याकरण पर केंद्रित होगा, जिसमें निम्नलिखित विषय शामिल हैं:

(i) सामान्य हिंदी:

  • शब्द संज्ञान: विलोम शब्द, पर्यायवाची, और उपसर्ग का प्रयोग।
  • वाक्यांश के लिए एक सार्थक शब्द की रचना।
  • व्याकरणिक नियम: संधि एवं संधि-विच्छेद (ध्यान दें: अयादि, स्वर और विसर्ग संधि पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं)।
  • शुद्धिकरण: शब्द शुद्धि और वाक्य शुद्धि के व्यावहारिक नियम।
  • प्रशासनिक शब्दावली: अंग्रेजी के तकनीकी और प्रशासनिक शब्दों का हिंदी समानार्थक रूप।

(ii) सामान्य अंग्रेजी (General English):

  • Tenses & Sequences of Tenses: विभिन्न कालों का वाक्यों में सही प्रयोग।
  • Voice: Active and Passive Voice रूपांतरण।
  • Grammar Tools: Determiners, Prepositions, and Subject-Verb Agreement.
  • Modals: वाक्यों में Obligation, Request, Permission, Prohibition, Intention, Condition, Probability, Possibility, Purpose आदि को व्यक्त करने वाले Modals का प्रयोग।
  • Vocabulary: One word Substitution (वाक्यांश के लिए एक शब्द)।

RPSC APO Mains Exam Pattern 2026 (मुख्य परीक्षा पैटर्न)

प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य लिखित परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। यह परीक्षा पूरी तरह से वर्णनात्मक होगी, अर्थात इसमें आपको उत्तर विस्तार से लिखने होंगे। इसके कड़े नियम इस प्रकार हैं:

  • अनिवार्यता: मुख्य परीक्षा के दोनों पेपरों में सम्मिलित होना और दोनों को अलग-अलग पास करना अनिवार्य है।
  • न्यूनतम उत्तीर्णांक (Qualifying Marks): प्रत्येक पेपर में उत्तीर्ण होने के लिए उम्मीदवारों को न्यूनतम 40% अंक प्राप्त करना आवश्यक है।
  • श्रेणीवार छूट: अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंकों की इस सीमा में 5% की विशेष छूट दी जाएगी, यानी उनके लिए 35% अंक लाना अनिवार्य होगा।
  • भाषा स्तर: पेपर-II (भाषा) का कठिनाई स्तर सीनियर सेकेंडरी (12वीं कक्षा) स्तर का निर्धारित किया गया है।
पेपर (Paper) विषय विवरण अधिकतम अंक समय अवधि
पेपर-Iकानून (Descriptive Law Paper)300 अंक3 घंटे
पेपर-IIभाषा (सामान्य हिंदी: 50 अंक, सामान्य अंग्रेजी: 50 अंक)100 अंक2 घंटे
कुल योगलिखित मुख्य परीक्षा के कुल अंक400 अंक5 घंटे कुल

RPSC APO Mains Exam Syllabus 2026 — Detailed Structure

मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम केवल सतही ज्ञान नहीं, बल्कि कानूनी धाराओं के व्यावहारिक और ड्राफ्टिंग कौशल का परीक्षण करता है:

पेपर-I: कानून (Law) [अंक: 300, समय: 3 घंटे]

यह पेपर आपराधिक कानून, अदालती प्रक्रिया और आपराधिक मामलों में आरोप (Charges) तय करने के व्यावहारिक ज्ञान का परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मुख्य अध्याय इस प्रकार हैं:

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023: पूर्ण अध्याय 1 से 6, 7, 11 से 15, 17, 18, 19 और 20 का विस्तृत व्याख्यात्मक अध्ययन।
  • भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860: अध्याय 1 से 5, 5A, 8, 16, 17, 20A और 23 के तहत पुराने न्यायिक निर्णयों का संदर्भ।
  • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023: अध्याय 1, 2, 3, 5, 6, 7, 9, 10, 11, 13 से 23, 26, 29, 31, 32, 33, 35, 36, 37, 39 तथा महत्वपूर्ण अनुसूची I व II।
  • दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC), 1973: ट्रायल प्रक्रिया से जुड़े अध्याय 1, 2, 3, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 24 और 33।
  • भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA 2023 & पुराना 1872): BSA के अध्याय 1 से 5, 7, 9 से 12 अनुसूची सहित। पुराने अधिनियम से साक्ष्य की ग्राह्यता, गवाहों का परीक्षण, मुख्य परीक्षा और जिरह (Cross-examination) के सिद्धांत।
  • विशेष स्थानीय कानून: प्रीलिम्स में शामिल सभी माइनर एक्ट्स (जैसे SC/ST एक्ट, आबकारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट, पोक्सो, और पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट) का विस्तृत विश्लेषणात्मक अध्ययन।

पेपर-II: भाषा (Language) [अंक: 100, समय: 2 घंटे]

लिखित परीक्षा के इस भाग में आपकी लेखन शैली, संक्षिप्तीकरण और अनुवाद क्षमताओं को परखा जाएगा:

(A) सामान्य हिंदी (50 अंक):

  • व्यावहारिक प्रयोग: मुहावरे एवं लोकोक्तियों का सटीक अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्यों में प्रयोग।
  • अनुवाद कौशल: कानूनी और प्रशासनिक अंग्रेजी वाक्यों तथा पारिभाषिक विधिक शब्दों का शुद्ध हिंदी में अनुवाद करना।
  • संक्षिप्तीकरण: दिए गए गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक चुनना, उसका एक-तिहाई सारांश लिखना और गद्यांश पर आधारित विधिक प्रश्नों के उत्तर देना।
  • आधिकारिक लेखन: कार्यालयी पत्र, सरकारी आदेश, परिपत्र (Circular), निविदा (Tender), अधिसूचना (Notification), प्रेस विज्ञप्ति और न्यायालयीन वकालतनामा का प्रारूप तैयार करना।
  • निबंध लेखन: समसामयिक या कानूनी विषयों पर लगभग 250 शब्दों में एक प्रभावशाली लेख/निबंध लिखना।

(B) सामान्य अंग्रेजी (General English - 50 अंक):

  • Grammar and Usage: Tenses, Determiners, Phrasal verbs, Subject-verb agreement, Antonyms, Synonyms, and Correct word usage.
  • Comprehension and Precis Writing: अनसीन पैसेज को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर देना और एक निश्चित शब्द सीमा में उसका सारांश (Precis) लिखना।
  • Composition Skills: किसी दिए गए विषय पर 250 शब्दों में पैराग्राफ/निबंध लेखन और 100 शब्दों की सीमा में औपचारिक नोटिस (Notice Writing) तैयार करना।

How to Download RPSC Assistant Prosecution Officer Syllabus 2026 PDF

उम्मीदवार नीचे दिए गए आधिकारिक चरणों का पालन करके सीधे आरपीएससी के सर्वर से अपना सिलेबस डाउनलोड कर सकते हैं ताकि तैयारी में कोई त्रुटि न रहे:

  1. आधिकारिक वेब पोर्टल खोलें: सबसे पहले राजस्थान लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर जाएं.
  2. कैंडिडेट इनफार्मेशन पर जाएं: मुख्य पृष्ठ (Homepage) पर ऊपर दिए गए मेनू बार में 'Candidate Information' के ड्रॉपडाउन विकल्प पर क्लिक करें.
  3. Syllabus लिंक का चयन करें: ड्रॉपडाउन सूची में से आपको 'Syllabus' वाले लिंक पर क्लिक करना होगा.
  4. सर्च बार का उपयोग करें: सिलेबस पेज पर बने सर्च बॉक्स में "Assistant Prosecution Officer Exam 2026" टाइप करें.
  5. लिंक पर क्लिक करें: आपके सामने प्री और मेंस परीक्षा के अलग-अलग सिलेबस के पीडीएफ डाउनलोड लिंक प्रदर्शित हो जाएंगे.
  6. सुरक्षित रखें: डाउनलोड बटन पर क्लिक करते ही पीडीएफ आपके डिवाइस में सेव हो जाएगी, जिसका आप प्रिंटआउट भी ले सकते हैं.

RPSC Assistant Prosecution Officer Syllabus 2026 Important Links

अभ्यर्थियों के समय की बचत के लिए आरपीएससी द्वारा 19 जून 2026 को जारी किए गए आधिकारिक पाठ्यक्रम और प्रेस नोट के सभी सीधे डाउनलोड लिंक नीचे तालिका में दे दिए गए हैं:

दस्तावेज़ का विवरण (Document Name)डायरेक्ट डाउनलोड लिंक (Direct Link)
Official Press Note Regarding APO SyllabusDownload Press Note
RPSC APO Preliminary Exam Syllabus PDFDownload Pre Syllabus
RPSC APO Mains Written Exam Syllabus PDFDownload Mains Syllabus
RPSC Main Official Website HomeVisit RPSC Portal
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💡 विशेषज्ञ सलाह: चूंकि इस बार सिलेबस में नए आपराधिक कानूनों (BNS, BNSS, BSA) को अध्याय और धाराओं के अनुसार स्पष्ट रूप से सीमित किया गया है, इसलिए बाजार से कोई भी गाइड खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वह नवीनतम 2026 के इस पैटर्न पर आधारित हो. बेयर एक्ट का नियमित रिवीज़न ही आपको इस परीक्षा में बढ़त दिलाएगा.

RPSC Assistant Prosecution Officer Syllabus 2026 — FAQs

इस भर्ती परीक्षा के नए सिलेबस और पैटर्न को लेकर अभ्यर्थियों के मन में अक्सर आने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नों के समाधान नीचे दिए गए हैं:

Q1. RPSC APO का नया विस्तृत सिलेबस कब जारी किया गया है?

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) भर्ती 2026 के लिए प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा का विस्तृत आधिकारिक सिलेबस 19 जून 2026 को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है.

Q2. क्या इस परीक्षा में नए कानून जैसे BNS और BNSS से भी प्रश्न पूछे जाएंगे?

हां, इस बार के नए पाठ्यक्रम में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 की विशिष्ट धाराओं को पूरी तरह शामिल किया गया है. उम्मीदवारों को नए और पुराने दोनों कानूनों की तैयारी करनी होगी.

Q3. RPSC APO प्रीलिम्स परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का क्या नियम है?

प्रारंभिक वस्तुनिष्ठ परीक्षा में गलत उत्तर देने पर नेगेटिव मार्किंग लागू होगी. प्रत्येक गलत उत्तर के लिए उस प्रश्न के अंकों में से एक-तिहाई (1/3) अंक काट लिया जाएगा. इसलिए अनुत्तरित प्रश्नों को छोड़ना अधिक सुरक्षित है.

Q4. मुख्य परीक्षा (Mains) को पास करने के लिए न्यूनतम कितने प्रतिशत अंक आवश्यक हैं?

मुख्य परीक्षा के प्रत्येक पेपर में उत्तीर्ण होने के लिए सामान्य और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को न्यूनतम 40% अंक लाना अनिवार्य है. जबकि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के अभ्यर्थियों को नियमानुसार 5% की छूट के साथ न्यूनतम 35% अंक लाने होंगे.

Q5. क्या मुख्य लिखित परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्न होंगे या डिस्क्रिप्टिव?

RPSC APO की मुख्य परीक्षा (Mains) पूरी तरह से वर्णनात्मक (Descriptive/Written) होगी. इसमें आपको विधि (Law) के लंबे उत्तर और भाषा वाले पेपर में निबंध, पत्र लेखन, संक्षिप्तीकरण और अनुवाद अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखना होगा.

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